Love and Attachment Difference in Hindi

प्यार हमेशा निस्वार्थ होता है , और लगाव में स्वार्थ छिपा होता है। 

प्यार में आज़ादी होती है , पर लगाव में बंधन होता है। 

प्यार में आपसी विकास है , पर लगाव में जलन होती है। 

प्यार में अहंकार नहीं होती है , पर लगाव में हमेशा अहंकार बढ़ता है। 

प्यार में लोग फ्यूचर का हमेशा सोचते है , पर आकर्षण में बिलकुल ऐसा नहीं होता है। 

प्यार में हमेशा इमोशन , फीलिंग्स बहुत ज्यादा मनाये रखता है ,  लेकिन अट्रैक्शन में हमेशा लुक्स , स्टेटस मनाये रखता है। 

प्यार में हमेशा खामिया को भी लोग नज़रअंदाज़ करते है , पर अट्रैक्शन में चीज़ सब परफेक्ट एकदम चाहिए। 

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