10 Lines on Chandra Shekhar in Hindi and English

10 Lines on Chandra Shekhar in Hindi and English
10 Lines on Chandra Shekhar in Hindi and English

दोस्तों आज हम लिखने वाले है दस वाक्य चंद्रशेकर  आज़ाद के बारे मै ये दस वाक्य हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा मै लिखा गया है । क्लास 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,12 और कॉलेज के स्टूडेंट्स के उपयोग मै आ सकता है ।

  • चंद्रशेकर आज़ाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्यप्रदेश मै हुआ है ।
  • चंद्रशेकर आज़ाद के परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश से आता है ।
  • इनके पिता जी नाम श्री सीताराम तिवारी था ।
  • इनके माता जी का नाम श्रीमती जगरानी देवी था ।
  • जब छोटे थे तब आज़ाद को निशानेबाजी का बहुत बड़ा शोक था ।
  • आज़ाद पढाई और लिखे मै जायदा रूचि नहीं रखते थे , खेल और कूद मै उनका बड़ा मन लगता था ।
  • आज़ाद के दोस्त बहुत सारे नाम से बुलाते थे बलराज , पंडितजी कह कर पुकारते थे ।
  • लेखिन आज़ाद नाम बहुत फेमस था और चंद्रशेकर खुस भी होते थे ।
  • हिंदुस्तान मै एक घटना घटा था जलियांवाला बाग हत्याकांड तब उस समय आज़ाद बालक थे और उनको पूरी तरह से झकझोर दिया था । पर अंडर ही  उन्होंने मन बना लिया था जब जररु देंगे ।
  • चंद्रशेकर आज़ाद का मौत हुआ 27 फेब्रुअरी 1931 को हुआ ,वो अपने बंदूक से खुद को गोली मार लिए थे । वो इसलिए की वो सोच लिए थे की अंग्रेज़ो हाथ नहीं मरना है और नहीं फांसी से , वो अपने संकल्प पे कामयं थे ।

धन्यबाद ।

10 Lines on Chandra Shekhar in  English

Friends, today we are going to write ten sentences about Chandrashekar Azad, these ten sentences have been written in both Hindi and English language. Can be used for class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,12 and college students.

Chandrashekar Azad was born on 23 July 1906 in Madhya Pradesh.
Chandrashekar Azad’s family originally comes from Uttar Pradesh.
His father’s name was Shri Sitaram Tiwari.
His mother’s name was Mrs. Jagrani Devi.
When he was young, Azad had a great passion for shooting.
I was not much interested in independent studies and writing, I used to have a great interest in sports and jumping.
Azad’s friends used to call him by many names, Balraj, used to call him Panditji.
Lekhine Azad’s name was very famous and Chandrashekar was also happy.
An incident happened in India when Jallianwala Bagh massacre was a free child at that time and completely shook him. But under he had made up his mind when he would give it.
Chandrashekar Azad died on 27 February 1931, he shot himself with his gun. That’s because they thought that the British should not die and not by hanging, they were working on their resolve.

Thank you

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