10 Lines Essay on Subhash Chandra Bose in Hindi

10 Lines Essay on Subhash Chandra Bose in Hindi || दस वाक्य सुभाष चंद्र बोस पर

10 Lines Essay on Subhash Chandra Bose in Hindi
10 Lines Essay on Subhash Chandra Bose in Hindi

दोस्तों आज हम निबंध लिखने वाले है नेता जी सुभाष चंद्र बोसे पर ये निबंध क्लास 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,12 और कॉलेज के स्टूडेंट्स के उपयोग मै आ सकता है ।

  1. नेता जी सुभाष चंद्र बोस का जन्म हुआ था 23 जनुअरी  1897 को हुआ था ।
  2. नेता जी का माता जी का नाम था प्रभावती बोस था ।
  3. सुभाष के पिता जी का नाम था जानकीनाथ बोस था ।
  4. नेता जी का विवाह हुआ था एमली के साथ इनका विवाह हुआ था इनकी पत्नी बनी थी ।
  5. इन दोनों पति और पत्नी से एक बेटी हुई अनीता बोस हुई थी ।
  6. नेता जी के कूल भाई और बेहेन 13 थे ।
  7. आप ये जानकरी दे नेता जी अपने माता और पिता जी के 9 संतान थे ।
  8. नेता जी के पिता जी बहुत अच्छे और सफल वकील थे ।
  9. आज़ाद हिन्द फौज का गठन नेता जी सुभास चंद्र बोस ने ही किया था ।
  10. आप पता भी और नहीं पता है तोह आपको बता दू की ” तुम मुझे खून दो मै तुम्हे आज़ादी दूंगा ” ये नारा नेता जी ने बोला था ।
  11. 18 अगस्त 1945 को नेता जी प्लान क्रैश हो गया और उस दिन नेता जी इस दुनिया चले गए ।
  12. नेता जी को 1992 को मरोणोपरांत उनको भारत रत्न से सम्मानित किया गया था ।

धन्यबाद ।

10 Lines Essay on Subhash Chandra Bose in English

Friends, today we are going to write an essay on Netaji Subhash Chandra Bose, this essay can be used by class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10,11,12 and college students.

Netaji Subhash Chandra Bose was born on 23 January 1897.
Netaji’s mother’s name was Prabhavati Bose.
Subhash’s father’s name was Jankinath Bose.
Netaji was married, he was married to Amalie, his wife was made.
Both these husband and wife had a daughter, Anita Bose.
Netaji’s Kool Bhai and Behen were 13.
You give this information, Netaji was the 9 children of his mother and father.
Netaji’s father was a very good and successful lawyer.
The Azad Hind Fauj was formed by Netaji Subhas Chandra Bose.
Even if you do not know and do not know, then let me tell you that “You give me blood, I will give you freedom”, this slogan was said by Netaji.
Netaji plan crashed on 18 August 1945 and on that day Netaji went to this world.
Netaji was awarded the Bharat Ratna posthumously in 1992.

Thank you

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